10वीं कक्षा - हिंदी व्याकरण (भाग - 4)
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13. अपठित गद्यांश
गद्यांश - 1
इस संसार में प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिया गया सबसे अमूल्य उपहार 'समय' है। ढह गई इमारत को दोबारा खड़ा किया जा सकता है; बीमार व्यक्ति को इलाज द्वारा स्वस्थ किया जा सकता है; खोया हुआ धन दोबारा प्राप्त किया जा सकता है; किन्तु एक बार बीता समय पुनः नहीं पाया जा सकता। जो समय के महत्त्व को पहचानता है, वह उन्नति की सीढ़ियाँ चढ़ता जाता है। जो समय का तिरस्कार करता है, हर काम में टालमटोल करता है, समय को बर्बाद करता है, समय भी उसे एक दिन बर्बाद कर देता है। समय पर किया गया हर काम सफलता में बदल जाता है जबकि समय के बीत जाने पर बहुत कोशिशों के बावजूद भी कार्य को सिद्ध नहीं किया जा सकता। समय का सदुपयोग केवल कर्मठ व्यक्ति ही कर सकता है, लापरवाह, कामचोर और आलसी नहीं। आलस्य मनुष्य की बुद्धि और समय दोनों का नाश करता है। समय के प्रति सावधान रहने वाला मनुष्य आलस्य से दूर भागता है तथा परिश्रम, लगन व सत्कर्म को गले लगाता है। विद्यार्थी जीवन में समय का अत्यधिक महत्त्व होता है। विद्यार्थी को अपने समय का सदुपयोग ज्ञानार्जन में करना चाहिए न कि अनावश्यक बातों, आमोद-प्रमोद या फैशन में।
प्रश्न 1. प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिया गया सबसे अमूल्य उपहार क्या है ?
उत्तर: प्रकृति द्वारा मनुष्य को दिया गया सबसे अमूल्य उपहार समय है।
प्रश्न 2. समय के प्रति सावधान रहने वाला व्यक्ति किससे दूर भागता है ?
उत्तर: समय के प्रति सावधान रहने वाला व्यक्ति आलस्य से दूर भागता है।
प्रश्न 3. विद्यार्थी को समय का सदुपयोग कैसे करना चाहिए?
उत्तर: विद्यार्थी को समय का सदुपयोग ज्ञानार्जन में करना चाहिए।
प्रश्न 4. 'कर्मठ' तथा 'तिरस्कार' शब्दों के अर्थ लिखिए।
उत्तर: 1) कर्मठ - परिश्रमी 2) तिरस्कार - अपमान।
प्रश्न 5. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर: प्रकृति का अमूल्य उपहार - समय।
गद्यांश - 2
हर देश, जाति और धर्म के महापुरुषों ने 'सादा जीवन और उच्च विचार' के सिद्धांत पर बल दिया है, क्योंकि हर समाज में ऐश्वर्यपूर्ण, स्वच्छंद और आडम्बरपूर्ण जीवन जीने वाले लोग अधिक हैं। आज मनुष्य सुख-भोग और धन-दौलत के पीछे भाग रहा है। उसकी असीमित इच्छाएँ उसे स्वार्थी बना रही हैं। वह अपने स्वार्थ के सामने दूसरों की सामान्य इच्छा और आवश्यकता तक की परवाह नहीं करता जबकि विचारों की उच्चता में ऐसी शक्ति होती है कि मनुष्य की इच्छाएँ सीमित हो जाती हैं। सादगीपूर्ण जीवन जीने से उसमें संतोष और संयम जैसे अनेक सद्गुण स्वतः ही उत्पन्न हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त उसके जीवन में लोभ, द्वेष और ईर्ष्या का कोई स्थान नहीं रहता। उच्च विचारों से उसका स्वाभिमान भी बढ़ जाता है जो कि उसके चरित्र की प्रमुख पहचान बन जाता है। इससे वह छल-कपट, प्रमाद और अहंकार से दूर रहता है। किन्तु आज की इस भाग-दौड़ वाली ज़िन्दगी में हरेक व्यक्ति की यही लालसा रहती है कि उसकी ज़िन्दगी ऐशो-आराम से भरी हो। वास्तव में आज के वातावरण में मानव पश्चिमी सभ्यता, फैशन और भौतिक सुख साधनों से भ्रमित होकर उनमें संलिप्त होता जा रहा है। ऐसे में मानवता की रक्षा केवल सादा जीवन और उच्च विचार रखने वाले महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही की जा सकती है।
प्रश्न 1. हर देश जाति और धर्म के महापुरुषों ने किस सिद्धांत पर बल दिया है ?
उत्तर: हर देश, जाति और धर्म के महापुरुषों ने 'सादा जीवन और उच्च विचार' के सिद्धांत पर बल दिया है।
प्रश्न 2. अपने स्वार्थ के सामने मनुष्य को किस चीज़ की परवाह नहीं रहती ?
उत्तर: अपने स्वार्थ के सामने मनुष्य को दूसरों की सामान्य इच्छा और आवश्यकता की भी परवाह नहीं रहती।
प्रश्न 3. सादगीपूर्ण जीवन जीने से मनुष्य में कौन-कौन से गुण उत्पन्न हो जाते हैं?
उत्तर: सादगीपूर्ण जीवन जीने से मनुष्य में संतोष और संयम के गुण उत्पन्न हो जाते हैं।
प्रश्न 4. 'प्रमाद' तथा 'लालसा' शब्दों के अर्थ लिखिए।
उत्तर: 1) प्रमाद - नशा 2) लालसा – अभिलाषा।
प्रश्न 5. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर: सादा जीवन और उच्च विचार।
14. अनुच्छेद-लेखन
अनुच्छेद 1: मेरी दिनचर्या
अनुच्छेद:
दिनचर्या से अभिप्राय है- नित्य किए जाने वाले काम। इन कामों को योजनाबद्ध तरीके से करना चाहिए। मैंने अपनी पढ़ाई, व्यायाम, खेलकूद, मनोरंजन व विश्राम आदि के आधार पर अपनी दिनचर्या बनायी हुई है। इसी के आधार पर मैं दिनभर काम करता हूँ। मेरा स्कूल सुबह आठ बजे लगता है, किन्तु मैं सुबह पाँच बजे उठकर पहले अपने पिता जी के साथ सैर को जाता हूँ। कुछ व्यायाम भी करता हूँ। घर आकर नहा-धोकर थोड़ी देर पढ़ता हूँ क्योंकि इस समय वातावरण में शान्ति होती है तथा दिमाग ताज़ा होता है। नाश्ता करके मैं सुबह स्कूल चला जाता हूँ। स्कूल से छुट्टी के बाद खाना खाकर मैं पहले थोड़ी देर आराम करता हूँ। मुझे फुटबॉल खेलना बहुत अच्छा लगता है। इसलिए मैं शाम को एक घंटा फुटबॉल खेलता हूँ। मैं खेलने के बाद घर आकर स्कूल से मिले होमवर्क को करता हूँ। होमवर्क के बाद मैं कठिन विषयों का अभ्यास भी करता हूँ। इसके बाद लगभग आधा घंटा टेलीविज़न पर अपना मनपसंद चैनल देखता हूँ। फिर खाना खाकर थोड़ी देर सैर भी करता हूँ। तत्पश्चात सरल विषयों का भी अध्ययन करता हूँ। मैं रात को सोने से पहले प्रभु का स्मरण करता हूँ और सो जाता हूँ। इस दिनचर्या से मेरा जीवन नियमित हो गया है।
अनुच्छेद 2: मेरी पहली हवाई यात्रा
अनुच्छेद:
इस बार गर्मियों की छुट्टियों में मेरे माता-पिता ने श्रीनगर जाने का प्रोग्राम बनाया। मेरे पिता जी ने इंटरनेट के माध्यम से ‘गो एयर' कंपनी की टिकटें बुक करवा दीं। यात्रा के निर्धारित दिन हम टैक्सी से हवाई अड्डे पर पहुँच गए। हम पूछताछ करके 'गो एयर' कंपनी के काउंटर पर पहुँचे। हमने अपना सामान चैक करवाया और उन्होंने बताया कि हमारा वह सामान सीधा जहाज़ में रखवा दिया जाएगा। हमें अपने सामान की रसीद और यात्री पास दे दिए गए। सामान जमा करवाकर हम उस ओर बढ़े जहाँ व्यक्तियों के हैंडबैग, मोबाइल, लैपटॉप, कैमरा आदि की चैकिंग की जा रही थी। कम्प्यूटर तकनीक के माध्यम से सामान की चैकिंग देखकर मैं दंग रह गई। पहली हवाई यात्रा का आनन्द उठाने के लिए मैं उत्सुक थी। इसके बाद हम निर्धारित स्थान पर पहुँच गए, हमारी टिकटें चैक हुईं और हम जहाज़ में जा बैठे। जहाज़ में विमान परिचारिकाओं ने हमारा स्वागत किया, हमें सीट बैल्ट बाँधने की हिदायतें दीं और कुछ ही पलों में जहाज़ ने उड़ान भरी और देखते ही देखते वह बादलों के बीच था। इतनी सुखद व रोमांचकारी यात्रा मेरे लिए अविस्मरणीय रहेगी।
15. पत्र - लेखन
पत्र 1: अपनी गलती के लिए क्षमा याचना करते हुए अपने स्कूल के प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र लिखिए।
सेवा में
प्रधानाचार्य
बाल विकास विद्यालय
हैदराबाद।
दिनांक : 12.08.2022
विषय : क्षमा याचना के लिए प्रार्थना पत्र।
माननीय महोदय,
सविनय निवेदन यह है कि मैं आपके विद्यालय में दसवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मुझसे एक गलती हुई है जिसके लिए मैं आपसे क्षमा माँगना चाहता हूँ।
मैंने आज लाइब्रेरी के पीरियड में चोरी से एक किताब से दो पन्ने फाड़ लिए थे। मेरी इस धृष्टता को अध्यापक ने देख लिया। मेरी चोरी पकड़ी गयी। अब मैं बहुत ही शर्मिंदा हूँ। यह मेरी पहली गलती है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मैं भविष्य में कभी ऐसी गलती नहीं करूँगा।
कृपया मेरी इस गलती को माफ कर दीजिए। मैं आपका अति आभारी रहूँगा。
आपका आज्ञाकारी शिष्य
शिशुपाल सिंह
(शिशुपाल सिंह)
कक्षा-दसवीं-ए
रोल नम्बर-13
पत्र 2: विषय बदलने के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्या को पत्र लिखिए।
सेवा में
प्रधानाचार्य
उत्थान पब्लिक स्कूल
चंडीगढ़ ।
दिनांक : 17.09.2022
विषय: विषय बदलने के लिए प्रार्थना पत्र
माननीय महोदया,
सविनय निवेदन यह है कि मैं दसवीं-सी कक्षा का विद्यार्थी हूँ। मैं लिए गए विषयों में से एक विषय बदलना चाहता हूँ।
इस कक्षा के लिए प्रवेश फार्म भरते समय मैंने 'चित्रकला' विषय को चुना था किन्तु अब मुझे इस विषय को पढ़ते समय कठिनाई हो रही है। मैं इस विषय के स्थान पर 'खेतीबाड़ी' विषय पढ़ना चाहता हूँ। मेरी खेतीबाड़ी में बहुत रुचि है।
अतः आपसे विनती है कि मुझे कृपया विषय परिवर्तन की आज्ञा दी जाए। इस कृपा के लिए मैं आपका बहुत आभारी रहूँगा。
आपका आज्ञाकारी शिष्य
नीरज वर्मा
(नीरज वर्मा)
कक्षा दसवीं-सी
रोल नम्बर- 08
16. अनुवाद (पंजाबी से हिंदी)
ਪੈਰਾ 1: ਮੈਨੂੰ ਜਦੋਂ ਵੀ ਆਪਣਾ ਬਚਪਨ ਯਾਦ ਆਉਂਦਾ ਹੈ...
हिंदी अनुवाद:
मुझे जब भी अपना बचपन याद आता है तो मेरा दिल करता है कि मैं अपने उस बचपन में गुम हो जाऊँ। मन बचपन की खेलों की तरफ़ चला जाता है। पतंग उड़ाना, मित्रों के साथ साइकिल की दौड़ें लगाना, कंचे खेलने और रात को छुपम-छुपाई खेलना मुझे आज भी याद है। तपती गर्मी में बाग़ में आम तोड़ कर खाने और बहुत तेज़ बारिश में नहाना मुझे बहुत अच्छा लगता था।
ਪੈਰਾ 2: ਭ੍ਰਿਸ਼ਟ ਆਚਰਣ ਹੀ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਹੁੰਦਾ ਹੈ...
हिंदी अनुवाद:
भ्रष्ट आचरण ही भ्रष्टाचार होता है। कुछ लोग केवल पैसे की हेराफेरी और घपलेबाज़ी को ही भ्रष्टाचार कहते हैं। पर इसके अतिरिक्त मिलावट, अन्याय, सिफ़ारिश, कालाबाज़ारी, शोषण और धोखा आदि सब कुछ आ जाता है। सारा समाज एकजुट हो कर भ्रष्टाचार रूपी इस दैत्य को समाप्त कर सकता है।
17. विज्ञापन, सूचना और प्रतिवेदन
विज्ञापन
1. प्रज्ञा कोचिंग सैंटर (निःशुल्क कोचिंग कक्षाओं का विज्ञापन)
विज्ञापन प्रारूप:
प्रज्ञा कोचिंग सैंटर
आगामी शिक्षा सत्र को ध्यान में रखते हुए आपके अपने शहर में दसवीं, बारहवीं के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क साइंस व गणित विषय की तैयारी हेतु कोचिंग सेंटर को आरंभ किया जा रहा है।
संपर्क करें :- प्रज्ञा।
डायरेक्टर, प्रज्ञा कोचिंग सेंटर, शामपुरा।
मोबाइल नं० 1891000000.
2. सेल्ज़मैन की आवश्यकता (वर्गीकृत विज्ञापन)
विज्ञापन प्रारूप:
सेल्ज़मैन की आवश्यकता
कपड़े की दुकान पर एक कुशल सेल्ज़मैन की आवश्यकता है। वेतन योग्यतानुसार। शीघ्र मिलें - मंगलराय। मेन बाज़ार,अम्बाला।
मोबाइल नं० 1746578673.
सूचना
1. सैक्शन बदलने संबंधी सूचना
सूचना प्रारूप:
सैक्शन बदलने संबंधी सूचना
29.04.2022
सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि जो विद्यार्थी किसी भी कारण अपना सेक्शन बदलना चाहता है, वह अपना नाम अपने कक्षा अध्यापक को दिनांक 07 मई, 2022 से पहले लिखवा दे।
मुख्याध्यापक
सरकारी हाई स्कूल,
सैक्टर-14, चंडीगढ़।
2. 'सड़क सुरक्षा' विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सूचना प्रारूप:
भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
22.07.2022
विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को सूचित किया जाता है कि हिंदी साहित्य समिति की ओर से दिनांक 11 अगस्त, 2022 को विद्यालय के हाल में 'सड़क सुरक्षा' विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु आप सभी आमंत्रित हैं। आप अपना नाम 27 जुलाई तक निम्नहस्ताक्षरी को लिखवा दें।
प्रदीप कुमार
सचिव, हिंदी साहित्य समिति।
सूर्या सीनियर सेकेंडरी स्कूल, पठानकोट।
प्रतिवेदन
1. सड़क सुरक्षा गोष्ठी पर प्रतिवेदन
प्रतिवेदन प्रारूप:
शीर्षक- सड़क सुरक्षा गोष्ठी
सरकारी हाई स्कूल, नवांशहर के परिसर में दिनांक 14 नवंबर, 2022 को प्रातः 9 बजे स्थानीय ट्रैफ़िक पुलिस अधिकारी द्वारा विद्यार्थियों को सड़क पर चलने के नियमों की जानकारी देते हुए बताया गया। उन्होंने यातायात से संबंधित विभिन्न नियमों की सामग्री भी पढ़ने के लिए विद्यार्थियों में वितरित की। उन्होंने मंत्र दिया कि सड़क पर सावधानी से चलने में ही सुरक्षा है। मुख्याध्यापक महोदय ने उनकी इस महत्त्वपूर्ण जानकारी देने के लिए आभार व्यक्त किया।
संदीप कुमार
सचिव, छात्र-संघ
सरकारी हाई स्कूल, नवाँशहर
2. हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन पर प्रतिवेदन
प्रतिवेदन प्रारूप:
शीर्षक- हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन
चंडीगढ़ पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़ के परिसर में दिनांक 20 नवंबर, 2022 को प्रातः 10 बजे मुख्याध्यापक श्री विकास शर्मा जी की अध्यक्षता में एक हास्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के तीस विद्यार्थियों ने अपनी हास्य कविताओं से सभी का मनोरंजन किया। सर्वश्रेष्ठ प्रथम तीन विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
मनजीत सिंह
सचिव, हिन्दी साहित्य परिषद्
चंडीगढ़ पब्लिक स्कूल, चंडीगढ़
18. प्रपत्र-पूर्ति
प्रपत्र 1: उमाकान्त - बचत बैंक आहरण (भारत बैंक)
बचत बैंक आहरण प्रपत्र
बचत खाताधारक का नाम : उमाकान्त
खाता नम्बर : 3738392920
कृपया मुझे 3200/- रु. (अंकों में) केवल बत्तीस सौ रुपये (शब्दों में) अदा करें।
खाताधारक के हस्ताक्षर : उमाकान्त
प्रपत्र 2: राज कुमार - बचत बैंक आहरण (हिंदोस्तान बैंक)
बचत बैंक आहरण प्रपत्र
बचत खाताधारक का नाम : राज कुमार
खाता नम्बर : 7338380103
कृपया मुझे 7500/- रु. (अंकों में) केवल सात हज़ार पाँच सौ रुपये (शब्दों में) अदा करें।
खाताधारक के हस्ताक्षर : राज कुमार
प्रपत्र 3: लोकेश कुमार को चेक (शिखर कुमार द्वारा)
लोकेश कुमार या धारक को
रुपये दस हज़ार अदा करें।
रु. 10,000
कृपया यहाँ हस्ताक्षर करें
शिखर कुमार
प्रपत्र 4: रेखा कुमारी को चेक (कांता देवी द्वारा)
रेखा कुमारी या धारक को
रुपये बीस हज़ार अदा करें।
रु. 20,000
कृपया यहाँ हस्ताक्षर करें
कांता देवी
प्रपत्र 5: जगदीश सिंह - बचत बैंक आहरण (भारत बैंक)
बचत बैंक आहरण प्रपत्र
बचत खाताधारक का नाम: जगदीश सिंह
खाता नम्बर: 492694213
कृपया मुझे 3500/- रु. (अंकों में) केवल तीन हज़ार पाँच सौ रुपये (शब्दों में) अदा करें।
खाताधारक के हस्ताक्षर : जगदीश सिंह
प्रपत्र 6: विजय दीनानाथ चौहान - रुपये जमा करवाने हेतु प्रपत्र (अरावली बैंक)
बैंक में रुपये जमा करवाने हेतु प्रपत्र
दिनांक : 26.12.2023
जमा बचत खाता नम्बर : 7873826633 जो कि श्री विजय दीनानाथ चौहान के नाम से है,
में रुपये चार हज़ार पाँच सौ केवल (शब्दों में) की राशि जमा करें।
जमाकर्ता के हस्ताक्षर : विजय दीनानाथ चौहान
प्रपत्र 7: सूर्य कुमार यादव - रुपये जमा करवाने हेतु प्रपत्र (हिमालय बैंक)
बैंक में रुपये जमा करवाने हेतु प्रपत्र
दिनांक : 23.06.2023
जमा बचत खाता नम्बर : 123498734242 जो कि श्री सूर्य कुमार यादव के नाम से है,
में रुपए तीन हज़ार केवल (शब्दों में) की राशि जमा करें।
जमाकर्ता के हस्ताक्षर : सूर्य कुमार यादव
प्रपत्र 8: मेधावी - रुपये निकालने का फार्म (भारतीय डाक)
डाकघर का नाम : सेक्टर – 47, चंडीगढ़
दिनांक : 21.08.2023
बचत खाता सं : 6283389291
कृपया मुझे 10,000/- रु. (अंकों में) केवल दस हज़ार रुपये (शब्दों में) का भुगतान करें।
जमाकर्ता के हस्ताक्षर : मेधावी
प्रपत्र 9: चार्वी - रुपये निकालने का फार्म (भारतीय डाक)
डाकघर का नाम: सेक्टर – 43, चण्डीगढ़
दिनांक : 05.11.2023
बचत खाता सं: 37289932411
कृपया मुझे 25,000/- रु. (अंकों में) केवल पच्चीस हज़ार रुपये (शब्दों में) का भुगतान करें।
जमाकर्ता के हस्ताक्षर : चार्वी
प्रपत्र 10: नरेन्द्रपाल सिंह - रेलवे आरक्षण प्रपत्र (शताब्दी एक्सप्रेस)
यात्रा की तारीख : 24.09.2023
यात्रा आरंभ करने का स्टेशन : चंडीगढ़ से दिल्ली स्टेशन तक आरक्षण
नाम व पता : नरेन्द्रपाल सिंह, मकान नम्बर - 124, सेक्टर - 12 चंडीगढ़
आवेदक के हस्ताक्षर : नरेन्द्रपाल सिंह
प्रपत्र 11: गुरप्रीत सिंह - रेलवे आरक्षण प्रपत्र (राजधानी एक्सप्रेस)
यात्रा की तारीख : 15.09.2023
यात्रा आरंभ करने का स्टेशन : मुम्बई से चंडीगढ़ स्टेशन तक आरक्षण
नाम व पता : गुरप्रीत सिंह, मकान नम्बर - 245, सेक्टर - 34 मुम्बई
आवेदक के हस्ताक्षर : गुरप्रीत सिंह